सीएम धामी का अर्द्धसैनिकों को तोहफा, वीरता पदक विजेताओं को मिलेंगे ₹5 लाख

डेली देवभूमि,हल्द्वानी :उत्तराखंड केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल कैंप मुख्यालय हल्द्वानी में आयोजित पूर्व अर्द्धसैनिक बलों के एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अर्द्धसैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण की सराहना करते हुए उनके कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि सैनिक कभी ‘भूतपूर्व’ नहीं होता, वह जीवनपर्यंत सैनिक ही रहता है। ​मुख्यमंत्री धामी ने देवभूमि उत्तराखंड को ‘वीरभूमि’ बताते हुए कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी पूर्व सैनिकों के कल्याण हेतु राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

​अर्द्धसैनिकों के लिए की गई 7 प्रमुख घोषणाएं

​मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व अर्द्धसैनिक और उनके परिवारों के कल्याण हेतु निम्नलिखित घोषणाएं कीं:l
₹5 लाख अनुदान राशि: भविष्य में प्रेज़िडेंट पुलिस मेडल-गैलेन्ट्री (वीरता पदक) से अलंकृत होने वाले अर्द्धसैनिकों को एकमुश्त ₹5 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी।
​2. स्टाम्प शुल्क में छूट: ऐसी पूर्व अर्द्धसैनिक या अर्द्धसैनिक की वीर नारियाँ, जिनके पास स्वयं की कोई अचल संपत्ति नहीं है, उन्हें उत्तराखंड राज्य में जीवनकाल में एक बार संपत्ति क्रय करने पर स्टाम्प शुल्क में 25% तक की छूट मिलेगी।
​3. कल्याण परिषद् का गठन: उत्तराखंड राज्य अर्द्धसैनिक बल कल्याण परिषद् को क्रियाशील किया जाएगा और इसके लिए पुलिस मुख्यालय में एक कार्यालय कक्ष आवंटित होगा।
​4. विशेष पदों का सृजन: सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में उपनिदेशक (अर्द्धसैनिक) और सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (अर्द्धसैनिक) के एक-एक पद स्वीकृत किए जाएंगे।
​5. बच्चों की शादी हेतु धनराशि: अर्द्धसैनिक बलों के बच्चों को भी सैनिकों के बच्चों की तरह शादी हेतु धनराशि प्रदान की जाएगी।
​6. CGHS भवन: सीजीएचएस (CGHS) भवन निर्माण हेतु तत्काल प्राथमिकता के आधार पर भूमि चयन के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए।
​7. बढ़ी हुई अनुग्रह राशि: अर्द्धसैनिक बलों के शहीदों के परिजनों के सम्मान हेतु अनुग्रह राशि को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख रुपये किया गया ह

​शहीदों का सम्मान: ₹50 लाख अनुग्रह राशि और नौकरी

* मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों की शहादत की कोई कीमत नहीं हो सकती। राज्य सरकार ने शहीदों और उनके परिजनों के सम्मान में कई कदम उठाए हैं
* पुरस्कार राशि में वृद्धि: अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से अलंकृत वीरों की पुरस्कार राशि एवं वार्षिक अनुदान में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है।
*स्मारक निर्माण: शहीदों की स्मृति में स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। इस वर्ष 10 नए स्मारकों की स्वीकृति दी गई है।
​* सरकारी नौकरी: शहीदों के परिजनों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने की व्यवस्था भी लागू की गई है।

उत्तराखंड की आंतरिक सुरक्षा और सुशासन

सीएम धामी ने राज्य में आंतरिक सुरक्षा और सुशासन को मजबूत करने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों का भी उल्लेख किया

​• अवैध कब्ज़े पर कार्रवाई: पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध बसावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 10 हज़ार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्ज़ामुक्त कराई गई है और 550 से अधिक अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है।
​• समान नागरिक संहिता (UCC): राज्य में समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-रोधी कानून और भू-कानून लागू कर सामाजिक समरसता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
​• आत्मनिर्भर भारत: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना के आधुनिकरण और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर भी ज़ोर दिया।