देवभूमि,,नई दिल्ली/देहरादून : भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारा बनेगा। इस 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और यह दिल्ली से देहरादून की यात्रा को 6 घंटे से घटाकर मात्र 2.5 घंटे में पूरा करने का वादा करता है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे का कार्य जनवरी 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में राज्यसभा में बताया कि परियोजना उन्नत चरण में है और जनवरी 2026 तक पूरी हो जाएगी। कुछ हिस्सों पर ट्रायल रन शुरू हो चुका है, जबकि पूरे मार्ग को जनता के लिए खोलने से पहले अंतिम निरीक्षण और सुरक्षा जांच की जाएगी।
इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे में पूरे रूट पर सीसीटीवी कैमरे, सौर ऊर्जा से बिजली व्यवस्था और वन्यजीव संरक्षण के लिए एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर शामिल है। राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर 12 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, कई अंडरपास, पुल और सर्विस रोड बनाए गए हैं।

एनएचएआई बागपत यूनिट के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र बालियान और साइट इंजीनियर राजन पांडे जैसे अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न चरणों का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर होते हुए देइसहरादून तक पहुंचेगा।
यह परियोजना पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगी। अधिकारियों का दावा है कि निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। जनता को नए साल में इस एक्सप्रेसवे का तोहफा मिलने की संभावना है।
एक्सप्रेसवे की खासियतें:
वन्यजीव सुरक्षा: 12 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर के अलावा 6 सामान्य एनिमल अंडरपास और 2 विशेष हाथी अंडरपास बनाए गए हैं।
पर्यावरण अनुकूल: पूरे रूट पर सौर ऊर्जा से बिजली व्यवस्था, बारिश
अनुकूल: पूरे रूट पर सौर ऊर्जा से बिजली व्यवस्था, बारिश के पानी की हर 500 मीटर पर हार्वेस्टिंग और 400 से अधिक रिचार्ज पॉइंट्स।
सुरक्षा और सुविधा: सीसीटीवी कवरेज, रेस्ट एरिया, पार्किंग और फर्स्ट-एड सुविधाएं।
लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह गलियारा दिल्ली से देहरादून की दूरी को 250 किमी से घटाकर 210 किमी कर देगा और यात्रा समय 6.5 घंटे से मात्र 2-2.5 घंटे रह जाएगा। इससे उत्तराखंड का पर्यटन, खासकर चारधाम यात्रा और हरिद्वार की कनेक्टिविटी को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, गणेशपुर-देहरादून सेक्शन में दात काली मंदिर के पास सुरक्षा कार्य और फिनिशिंग अंतिम दौर में हैं। नए साल की शुरुआत में यह एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के आर्थिक विकास और इको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक बनेगा।
(स्रोत: एनएचएआई अधिकारियों के बयान और सरकारी अपडेट)
