देवभूमि डेली, देहरादून: उत्तराखंड में खेलों के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री आवास में पद्मश्री से सम्मानित देश की प्रतिष्ठित पैरा एथलीट डॉ. दीपा मलिक ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड में एक समर्पित पैरा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। यह पहल उत्तराखंड को भारत के ‘स्पोर्ट्स हब’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है। इससे न केवल स्थानीय पैरा-खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि देश भर के एथलीट भी देवभूमि का रुख करेंगे।

पैरा खिलाड़ियों के लिए समर्पित मंच की मांग
भेंट के दौरान डॉ. दीपा मलिक ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा कि उत्तराखंड में पैरा खिलाड़ियों के पास अपार प्रतिभा है, लेकिन उन्हें सही प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राज्य में एक ऐसी यूनिवर्सिटी की आवश्यकता पर जोर दिया जहाँ दिव्यांग खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग और संसाधन मिल सकें।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के हर खिलाड़ी को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। पैरा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनने से उत्तराखंड न केवल सामान्य खेलों में, बल्कि पैरा-स्पोर्ट्स में भी वैश्विक पटल पर चमकेगा।मुख्यमंत्री ने डॉ. मलिक के प्रस्ताव की सराहना करते हुए इसे राज्य के लिए एक ‘दूरदर्शी पहल’ बताया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
कार्ययोजना (Action Plan): अपर सचिव श्री आशीष चौहान इस प्रस्ताव पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें।
संसाधन: राज्य सरकार दिव्यांगजनों के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जयवंत हम्मुनावा: महासचिव, पैरालम्पिक कमेटी ऑफ इंडिया, जेपी सिंह: चैयरपर्सन, इंडिया पैरा पावर लिफ्टिंग, शुभम चौधरी: उपाध्यक्ष, पैरा राव लिफ्टिंग, जेसी जैन: चैयरमैन, कोर यूनिवर्सिटी, परमजीत कुमार: पैरालंपिक पावर लिफ्टर आदि लोग उपस्थित थे
