उत्तराखंड में रेल नेटवर्क का होगा कायाकल्प: एस्केप टनल बनेंगे ‘पैरेलल रोड्स’, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट 72% पूरा

डेली देवभूमि। मुख्य संवाददाता: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में राज्य की निर्माणाधीन और प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि रेल परियोजनाओं के साथ-साथ राज्य के बुनियादी ढांचे और स्थानीय रोजगार को जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

​एस्केप टनल का होगा बहुउद्देशीय उपयोग

बैठक में मुख्यमंत्री ने एक अभिनव सुझाव देते हुए कहा कि प्रस्तावित रेल परियोजनाओं में बनने वाली एस्केप टनल (Escape Tunnels) को मात्र आपातकालीन निकासी तक सीमित न रखकर उन्हें समानांतर सड़कों (Parallel Roads) के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की एस्केप टनल के भविष्य के उपयोग के लिए भी विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए।


​राष्ट्रीय परियोजना बनेगी टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन

​कुमाऊं की लाइफलाइन मानी जाने वाली टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट को ‘राष्ट्रीय परियोजना’ घोषित करने का आग्रह किया जाएगा ताकि निर्माण में तेजी आए। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि इस रेल मार्ग से अल्मोड़ा और सोमेश्वर जैसे क्षेत्रों को जोड़ने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाए ताकि अधिकतम जनता लाभान्वित हो सके।
​रेलवे स्टेशनों पर दिखेगी देवभूमि की संस्कृति
​निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के स्टेशनों को पर्यटन और संस्कृति के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी स्टेशन अलग-अलग थीम पर आधारित होंगे:

​शिवपुरी: नीलकंठ महादेव थीम
​ब्यासी: महर्षि वेदव्यास थीम
​देवप्रयाग: समुद्र मंथन थीम
​मलेथा: वीर माधो सिंह भंडारी थीम
​श्रीनगर: मां राज राजेश्वरी थीम
​कर्णप्रयाग: बद्रीनाथ मंदिर थीम

​स्वरोजगार और पर्यटन पर विशेष जोर

​मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों का इंटीग्रेटेड पुनर्विकास किया जाए।
लोकल मार्केट: स्टेशनों पर स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों (Vocal for Local) की बिक्री के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।
होमस्टे योजना: रेलवे स्टेशनों के आसपास के गांवों में लोगों को अभी से होमस्टे और अन्य स्वरोजगार योजनाओं के लिए जागरूक किया जाए।
टूरिज्म रोडमैप: पास के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को स्टेशनों से जोड़ने के लिए सुगम कनेक्टिविटी का खाका तैयार किया जाए।

प्रगति रिपोर्ट: सुरंग निर्माण का 95% कार्य संपन्न

​बैठक में जानकारी दी गई कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का 72.5% कुल कार्य पूरा हो चुका है। सुरंग निर्माण (Tunneling) का कार्य 95.30% तक पहुंच गया है। इस परियोजना के तहत कुल 28 सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनमें 16 मुख्य और 12 एस्केप सुरंगें शामिल हैं। बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।