डेली देवभूमि,देहरादून : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की रसोइयों में दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों से शहर में एलपीजी गैस की भारी किल्लत बनी हुई है। आलम यह है कि लोग मोबाइल पर बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं और सिलिंडर की आस में घंटों गैस एजेंसियों व गोदामों के चक्कर काट रहे हैं।
बुकिंग सिस्टम हुआ ‘जाम’, उपभोक्ता परेशान
बुधवार को देहरादून के डालनवाला और नया गांव स्थित गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं का तांता लगा रहा। उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि गैस बुकिंग के लिए निर्धारित नंबर पर कॉल कनेक्ट ही नहीं हो रही है। डिजिटल बुकिंग के फेल होने के कारण लोग डरे हुए हैं कि कहीं आने वाले दिनों में किल्लत और न बढ़ जाए। डालनवाला निवासी उपभोक्ता रमेश ने बताया कि सुबह 8 बजे से लाइन में लगे थे, दोपहर तक नंबर आया लेकिन तब तक एजेंसी का स्टॉक खत्म हो गया। अब घर में चूल्हा कैसे जलेगा, समझ नहीं आ रहा।
रेस्टोरेंट और ढाबों पर तालाबंदी की नौबत
संकट का सबसे गहरा असर शहर के वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर पड़ा है। जिले में लगभग 19,000 कमर्शियल गैस कनेक्शन हैं, जिनकी मासिक खपत 40,000 सिलिंडर से अधिक है। आपूर्ति बाधित होने के कारण कई रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे ढाबा संचालकों के सामने काम बंद करने की स्थिति पैदा हो गई है। घरेलू गैस की आपूर्ति किसी तरह की जा रही है, लेकिन कमर्शियल सिलिंडर न मिलने से होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर है।

प्रशासन का पक्ष: ‘किल्लत नहीं, सब अफवाह है’
एक तरफ जहाँ धरातल पर लोग परेशान हैं, वहीं प्रशासन इन दावों को सिरे से खारिज कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गैस की निरंतर आपूर्ति जारी है और कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर पैनिक (अफवाह) पैदा कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से जारी निर्देश:
धैर्य रखें: उपभोक्ता बुकिंग करने के बाद थोड़ा इंतजार करें, गैस की होम डिलीवरी की जाएगी।
कालाबाजारी पर रोक: प्रशासन की टीमें सक्रिय हैं। यदि कोई सिलिंडर की ओवर-रेटिंग या कालाबाजारी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।
सीधा वितरण: नया गांव स्थित इंडेन एजेंसी जैसे केंद्रों पर सीधे वितरण की व्यवस्था की गई है, जहाँ बुधवार को 320 से अधिक सिलिंडर बांटे गए।
समाधान की राह: क्या करें उपभोक्ता?
यदि आपको भी गैस बुकिंग में समस्या आ रही है, तो निम्नलिखित कदम उठाएं:
वैकल्पिक बुकिंग माध्यम: ऐप या कॉल के बजाय संबंधित गैस एजेंसी के कार्यालय में जाकर भौतिक रूप से बुकिंग की जानकारी लें।
अफवाहों से बचें: जरूरत से ज्यादा सिलिंडर स्टॉक न करें, ताकि आपूर्ति श्रृंखला बनी रहे।
शिकायत दर्ज करें: यदि एजेंसी गैस देने से मना करे या अधिक दाम मांगे, तो तुरंत जिला आपूर्ति विभाग को सूचित करें।
