देहरादून में LPG की किल्लत नहीं, डीएम ने कसी कमर; गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

देवभूमि, देहरादून : राजधानी में एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने तेल कंपनियों और गैस एजेंसी संचालकों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाए। डीएम ने कालाबाजारी और व्यावसायिक दुरुपयोग रोकने के लिए जिले भर में छापेमारी के आदेश भी जारी किए हैं।

​ओटीपी आधारित डिलीवरी और पारदर्शिता पर जोर

​बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी गैस एजेंसियां घरेलू सिलेंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी (OTP) आधारित प्रणाली से ही करेंगी। इससे वितरण में पारदर्शिता आएगी और सिलेंडरों की हेराफेरी पर लगाम लगेगी।

मैन्युअल बुकिंग: यदि ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कत आती है, तो एजेंसियों को अनिवार्य रूप से अपना संपर्क नंबर जारी कर मैन्युअल बुकिंग स्वीकार करनी होगी।

बुकिंग अंतराल: एजेंसी संचालकों ने स्पष्ट किया कि एक बार बुकिंग होने के बाद अगली बुकिंग 25 दिन के बाद ही संभव हो सकेगी।

कंट्रोल रूम स्थापित, 1077 पर करें शिकायत

​गैस आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए आपदा कंट्रोल रूम में एक विशेष डेस्क बनाई गई है। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) प्रतिदिन एक घंटा तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ यहाँ बैठकर शिकायतों का निपटारा करेंगे।

​शिकायत दर्ज कराने के माध्यम:

​टोल फ्री नंबर: 1077

​लैंडलाइन: 0135-2626066, 0135-2726066

​व्हाट्सएप: 7534826066

​व्यावसायिक उपयोग पर लगेगा ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’

​जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों (SDMs) और पूर्ति विभाग को नियमित छापेमारी के निर्देश दिए हैं। यदि कहीं भी घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल पाया गया, तो उसे तत्काल जब्त कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

​अफवाहों से बचें, ईंधन पर्याप्त है

​डीएम सविन बंसल ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है। वर्तमान में जनपद की 72 एजेंसियों के माध्यम से 7.81 लाख घरेलू और लगभग 19.6 हजार व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई की जा रही है। आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए भगवानपुर, लंढौरा, बादराबाद और लोनी प्लांट से निरंतर समन्वय बनाया गया है

​मुख्य बिंदु:

​* होम डिलीवरी के लिए ओटीपी अनिवार्य; पारदर्शिता पर फोकस।

​* घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी पहली प्राथमिकता।

​* कालाबाजारी रोकने के लिए जिले भर में चलेगा विशेष छापेमारी अभियान।

​* आपूर्ति की निगरानी के लिए आपदा कंट्रोल रूम सक्रिय।