snowfall of Uttarakhand : केदारनाथ से मसूरी तक बिछी सफेद चादर, मैदानी इलाकों में बारिश से बढ़ी ठिठुरन

डेली देवभूमि, देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से सूखे के इंतजार के बाद आखिरकार इंद्रदेव मेहरबान हुए हैं। प्रदेश के मौसम Weather ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले मैदानी इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बदलाव से जहाँ आम जनजीवन में ठंडक घुल गई है, वहीं पर्यटकों और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

चारों धामों में बर्फ की दस्तक

​विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में सुबह से ही हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है। उत्तरकाशी के हर्षिल और खरसाली जैसे इलाकों में बर्फ गिरने से पूरा परिदृश्य चांदी जैसा सफेद हो गया है। तापमान में भारी गिरावट के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
​मसूरी और धनौल्टी में साल की पहली बर्फबारी
​’पहाड़ों की रानी’ मसूरी के लालटिब्बा क्षेत्र में बर्फ की फुहारों ने दस्तक दे दी है। वहीं, धनौल्टी में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। इस सुखद संयोग से पर्यटन व्यवसायियों में उत्साह की लहर है, क्योंकि आने वाले दिनों में पर्यटकों की भारी आमद की उम्मीद है। चकराता की ऊंची पहाड़ियों, जैसे लोखंडी और देवबन में भी साल का पहला हिमपात शुरू हो चुका है।

​देहरादून सहित मैदानों में बारिश का दौर

​राजधानी देहरादून, नई टिहरी और आसपास के मैदानी इलाकों में सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बारिश के कारण ठिठुरन बढ़ गई है और लोग गरम कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। बादल छाए रहने और ठंडी हवाओं के चलने से अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।


​मौसम विभाग की चेतावनी: 28 जनवरी तक रहें सतर्क

​मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार:
​बर्फबारी: 2300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना है।
​तेज हवाएं: मैदानी इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
​ओलावृष्टि: कुछ जिलों में बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) का भी अनुमान है:
मौसम का यह मिजाज आगामी 28 जनवरी तक बने रहने के आसार हैं। प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।